Saturday, July 28, 2012

होना न होना

बहुत कुछ हो सकता था
कुछ नहीं हुआ
शापग्रस्त नहीं था मै
मेरे हिस्से
नहीं थी
एक भी
दुआ

11 comments:

  1. खुदा खैर करे.

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  2. सब कुछ सब के हिस्से में नहीं आता फिर भी मैं एक बात कहता हूँ जिंदगी अभी बाकि है .
    जैसे मैं अपनी जिंदगी शानू में जीता हूँ

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  3. कम शब्द, सागर-से भाव।

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  4. बहुत ही उम्दा प्रस्तुति। मेरे नए पोस्ट पर आपका हार्दिक अभिनंदन है।

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  5. आह....
    बेहतरीन....................

    सादर
    अनु

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  6. गहन भाव लिए बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

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  7. गहन अभिव्यक्ति..क्षणिका सरीखी कविता .

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  8. गहन अभिव्यक्ति है ... दूरगामी अर्थ लिए ...

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