Friday, September 9, 2011

पब्लिक

ओना-मासी-ढम
दो कोड़ी में चार कम
फिर से
बोल- रााााााम
दो-तीन
भैंस खाती है चारा
औ' बजती है बीन
अब शुरू होता है
खेल एक खतरनाक
तनी रस्‍सी पर
जमूरे का नाच
बच्‍चे बीच में न बोलना
बुड्ढे मुंह न खोलना
रस्‍सी से अगर
उतर आया वापस
तब पैसे लेगा बीन
गिरा अगर
तब
सब भाई
मिलकर बोलेंगे
आमीन-आमीन.
21.05.1992

आम के आम
गुठलियों के दाम
दोनों आप ही के नाम
दाम देने वाला
सिर्फ पेड़ गिनेगा
बाद में सिर धुनेगा
आपको इससे क्‍या
पब्लिक तो आपको ही चुनेगा
बदले में सिर्फ गुठली लेगा
लगाएगा
आम के बाग
आपकी आने वाली पीढि़यां भी
खाएंगी
आम
बिना
दाम.
18.04.1992

3 comments:

  1. आपके पोस्ट पर आना बहुत ही अच्छा लगा । मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है । धन्यवाद ।

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  2. मुहावरों के प्रयोग के साथ अच्छा प्रयोग ..

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  3. सुन्दर सहज सरल अभिव्यक्ति गहन चिंतन को सीधे
    व्यक्त किया गया बधाई .

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